शहर राज्य ही नहीं, पूरे राष्ट्र के लिए एक उदाहरण है मेरा अद्भुत शासकीय विद्यालय जिसने वर्षों वर्षो से देश को अनेक रत्न दिए। देश ही नहीं विदेशों में भी कोई भी महाद्वीप नही जहां पर हमारी शाला के छात्रों ने देश का नाम रोशन किया है। सत्र 1988 वर्ष में सहपाठियों ने भी राज्य की प्रावीण्य सूचि में 12 स्थानों पर कब्जा कर कीर्तिमान स्थापित किया था जिसमे प्रथम स्थान प्राप्त छात्र भी शामिल है। प्रतिवर्ष होने वाला गुरुवंदना समारोह भी अपने आप मे अद्भुत है जो शिक्षक की गरिमा को शिखर पर दर्शाता है। जिस किसी भी वर्ष के पूर्व छात्रो का रजत जयंती वर्ष होता है, वे न केवल खुद के सहपाठियों का पुनर्मिलन समारोह ओयोजित करते है बल्कि गुरुवंदना समारोह का खर्च भी वहन करते हैं, स्वतःस्फूर्त रूप से। पढाई के अलावा भी, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता, साहित्यिक गतिविधियों में हमारी शाला के विद्यार्थियों ने कीर्तिमान स्थापित किये