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Showing posts from December, 2023

1971 की विजय की वर्षगाँठ की हार्दिक बधाई

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1971 का युद्ध पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ जनरल याह्या खान के नेतृत्व में दमनकारी पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा किए गए नरसंहार से उकसाया गया था। संघर्ष तब शुरू हुआ जब 1970 के चुनावों में शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व वाली अवामी लीग विजेता बनकर उभरी। चुनाव के बाद,  पाकिस्तानी सेना  ने नतीजों को प्रभावित करने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे पूर्वी पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन हुआ। इस नाजुक दौर में भारत ने हस्तक्षेप किया। भारत की तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने सीमा के दूसरी ओर से भागे लोगों को शरण दी। स्थिति 3 दिसंबर 1971 को बिगड़ गई, जब पाकिस्तान ने 11 भारतीय हवाई अड्डों पर हवाई हमले किए, जिससे इंदिरा गांधी को भारत के सेना प्रमुख जनरल सैम मानेकशॉ को पाकिस्तान के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू करने का निर्देश देने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारत ने बांग्लादेशी राष्ट्रवादी समूहों   का समर्थन किया और 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' को अंजाम दिया। कराची बंदरगाह को निशाना बनाने के लिए भारतीय नौसेना के नेतृत्व में। 13 दिनों के गहन संघर्ष के...

ओशो जयंती की हार्दिक बधाई

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*भारत केवल एक भूगोल या *इतिहास का अंग ही नहीं है। यह सिर्फ एक देश, एक राष्ट्र, एक जमीन का टुकड़ा मात्र नहीं है*। यह कुछ और भी है एक प्रतीक, एक काव्य, कुछ अदृश्य सा  किंतु फिर भी जिसे छुआ जा सके! कुछ विशेष ऊर्जा तरंगों से स्पंदित है यह जगह, जिसका दावा कोई और देश नहीं कर सकता। इधर दस हजार वर्षों में सहस्रों लोग चेतना की चरम विस्फोट की स्थिति तक पहुंचे हैं। उनकी तरंगें अभी भी जीवंत हैं। उनका असर अभी भी हवाओं में मौजूद है। तुम्हें सिर्फ एक विशेष तरह की ग्राहकता की संवेदनशीलता की, उस अदृश्य को ग्रहण करने की क्षमता की जरूरत है  जो इस अद्भुत भूमि को घेरे हुए है।अद्भुत इसलिए कहां, क्योंकि इसने सिर्फ एक ही खोज सत्य की खोज के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। इस देश ने बड़े फिलासफर पैदा नहीं किए तुम्हें जानकर आश्चर्य होगा  न प्लेटो, न अरस्‍तू; न थामस एक्‍युनस, न कांट; न हीगल, न ब्राडले; और न ही बर्ट्रेंड रसेल। भारत के पूरे अतीत ने एक भी फिलासफर को जन्म नहीं दिया  और वे सत्य की खोज में संलग्न, निश्चित ही उनकी खोज, अन्य देशों में की जा रही खोज से सर्वथा भिन्न थी। दूसरे देशो...