यूँ तो सबके मन मे होती है मूरत अपने प्रेम की, प्राण प्रतिष्ठा उसमें ही होती है जिनका प्रेम उपासना के स्तर तक लहुँचे@आशीष कटारे@

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  1. पहुंचे पढें लहुँचे के स्थान पर

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