यूँ तो सबके मन मे होती है मूरत अपने प्रेम की, प्राण प्रतिष्ठा उसमें ही होती है जिनका प्रेम उपासना के स्तर तक लहुँचे@आशीष कटारे@ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 30, 2021 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments Ashish Katare-2December 30, 2021 at 1:08 PMपहुंचे पढें लहुँचे के स्थान परReplyDeleteRepliesReplyAdd commentLoad more... Post a Comment
सत्य के मार्ग पर चलते जो लांछनो के कंकर खून का घूँट पी झेल जाते है वोही शंकर कहलाते है@आशीष कटारे January 15, 2022 Read more
जीवन की जन्मकुंडली में पिता उस शुभ.....@शीष कटारे।ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि गुरु जैसा कोई भी शुभ ग्रह जन्मकुंडली के केन्द्र स्थान जैसे 1,4, 7 या 10 वे स्थान पर हो तो अन्यदुष्ट गहो, बुरी दशाओं का प्रभाव समाप्त हो जाता है June 21, 2022 Read more
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