जलाये रखने मन मन्दिर में प्रेम का दीपक, जब गाया उसने प्रेम परिक्षा में राग दीपक, तब तब उसे रखने शीतल मेरे नेत्रों ने गाया मेघ मल्हार@आशीष कटारे

Comments