गलवान घाटी में चीनी सेना पर विजय की वर्षगांठ------------------------------आज ही निहत्थे भारतीय सैनिकों ने हथियारबंद चीनी सैनिकों को संघर्ष में नकेवल हराया बल्कि उन्हें मैदान से भाग खड़े होने विवश कर दिया। भारत चीन की सीमा अच्छी तरह से निर्विवाद रूप से परिभाषित नहीं है, इसमें कुछ क्षेत्र बफर जोन में आता है, अतः ऐसे इलाके पर दोनों ही देश अपना अपना दावा रखते हैं। ऐसी करन चीनी सैनिक अक्सर वहां से होकर हमारे क्षेत्र में आ जाते है जिससे दोनी देशों में समय समय पर छोटी मोटी मुठभेड़ होती रहती है। फिर समझैता भी होता रहता है और अतिक्रमण करे सैनिक पीछे हट जाते हैं। ऐसी ही एक घटना मे जब चीनी सैनिक भारत की सीमा में घुस गए फिर दोनी देशों के सैनकों में फ्लैग मीटिंग के बाद समझौता हुआ कि चीनी सैनिक उस स्थान से पीछे हट जाएंगे। जब भारतीय सैनिक हैयह देखने की चीनी सैनिक वहां से हटे की नहीं, गलवान घाटी गए तब उन निहत्थे भारती य सैनकों पर ऐसे डंडे जिनपर धातु के बाढ़ लगाने वाले कांटे लगे होते है और लंबी छुरियों से आक्रमण कर दिया। भारतीय सैनिकों जो कि घातक बिग्रेड से थे, ने 40 से अधिक चीनी सैनिकों को उन्ही के हथियार छुड़ा कर इस हाथों से उनकी गर्दन मरोड़ कर मार डाला। जबकि भारत के मात्र 2प सैनिक शहीद हुए। इस घटना ने वर्षो पुराना चीन फोबिया समाप्त कर दिया औऱ भारत ने भी चीन से किये बहुत से आर्थिक समझौते, व्यापार को बंद कर दिया। इसी दिन चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग का जन्मदिन भी पड़ता है पर तबसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति को औपचरिक रूप से बधाई देना भी बंद कर दिया।जयतु भारत राष्ट्र:🇮🇳🇮🇳वंदे मातरम🙏अमर शहीदों को शत शत नमन🙏

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