या ही लज्जत है कि रग रग से आती है यही सदा।दम न ले तलवार जब तक जान बिस्मिल में रहे।।स्व्तंत्रता सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को उनकी जयंती पर शत शत नमन

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