चलता चला आया हूँ अग्निपथ पर चलता चला जाऊंगा ,महाकाल के भक्त हैं, रुकना हमने सीखा नहीं,झुकना हमें आता मनब्राह्मण बन जन्मे, ब्राह्मण रहते ही मर जाऊंगा ।तन मन धन सब देश के नाम का है ।रगों में बह रहा लहू, भगवान परशुराम का है: @shish कटारे

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