जय जगन्नाथ

भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा हो या जीवन की कोई कहानी अपूर्ण।                                 अपूर्ण होकर भी कई बार पूर्ण से भी अधिक परिपूर्ण हो जाती है :@शीष कटारे 

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